*सरकार ने साइबर क्राइम से निपटने के लॉन्च किया “चक्षु”? साइबर क्राइम की टूटेगी कमर..*

सरकार ने साइबर क्राइम और स्पैम कॉल से निपटने के लिए दो नए प्लेटफॉर्म शुरू किए हैं। पहले प्लेटफॉर्म का नाम चक्षु है। यह लोगों को संदिग्ध मैसेज, नंबर और फिशिंग के प्रयासों की रिपोर्ट करने में सक्षम बनाता है। दूसरा है डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म। यह बैंकों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य संगठनों को साइबर अपराधियों के बारे में जानकारी का आदान-प्रदान करने की सुविधा देता है। सरकार को भरोसा है कि ये दोनों प्लेटफॉर्म धोखाधड़ी की रोकथाम में मदद करेंगे। इनसे साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी आसान होगी। पहले ही इन्‍होंने 1,000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा की धोखाधड़ी को सफलतापूर्वक रोका है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने संचार साथी पोर्टल के हिस्से के रूप में सोमवार को डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म और चक्षु को लॉन्च किया। इसका अनावरण पिछले साल मई में किया गया था।

चक्षु से कैसे होगा फायदा?

चक्षु का इस्‍तेमाल संदिग्ध धोखाधड़ी वाले कम्‍युनिकेशन की रिपोर्ट करने के लिए किया जा सकता है। इसके जरिये यूजर नंबर, मैसेज और फिशिंग अटेम्‍प्‍ट्स के बारे में रिपोर्ट कर सकते हैं। दूसरी ओर डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म बैंकों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वॉलेट ऑपरेटरों के बीच साइबर क्रिमिनल डेटा साझा करने में समर्थ बनाने के लिए इंटर-एजेंसी प्रयास है।

आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि संदिग्ध धोखाधड़ी के मामले में डेटा लगभग वास्तविक समय में सभी हितधारकों के साथ साझा किया जाएगा। इसके पहले लॉ एनफोर्समेंट, बैंकों और वित्तीय सेवा प्रदाताओं को धोखाधड़ी वाले नंबरों की रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था। लेकिन, उन्होंने व्यक्तिगत रूप से ऐसा किया।

धोखाधड़ी रोकने में म‍िली है मदद

वैष्‍णव ने बताया कि डीआईपी इन धोखाधड़ी की तुरंत रिपोर्ट करने के लिए इंटीग्रेटेड प्‍लेटफॉर्म है। यह उस सिस्‍टम का अपडेट है जिसे पिछले मई में लॉन्च किया गया था। जिस गति से साइबर धोखाधड़ी का पता लगाया जा सकता है, उसमें ये दो प्लेटफॉर्म काफी सुधार करेंगे।

उन्होंने कहा कि ऐसे सभी प्लेटफार्मों पर अनुमानित 1,008 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी रोकी गई है। DoT ने मई 2023 में संचार साथी प्लेटफॉर्म लॉन्च किया था। वैष्णव ने कहा, ‘हमने फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉलों को भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया है, जो हाल के दिनों में एक खतरा बन गई थी।’