पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का बेहड़ पर बड़ा हमला, सरकार और विरोधियों को बदनाम करने की साजिश का आरोप, बोले—आईना देखिए, आका खुद नजर आ जाएगा

किच्छा (उधम सिंह नगर):

किच्छा से पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने विधायक तिलकराज बेहड़ पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले को राजनीतिक षडयंत्र करार दिया है। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में पूर्व विधायक शुक्ला ने कहा कि सरकार और राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने के लिए सोची-समझी साजिश रची गई।

पूर्व विधायक ने सवाल उठाया कि कथित हमले के बाद विधायक तीन दिनों तक पुलिस के पास क्यों नहीं गए। उन्होंने कहा कि विधायक पहले से ही यह कहना शुरू कर चुके थे कि पुलिस जिसे पकड़ेगी, वह उन्हें अपराधी नहीं मानेंगे और उन्हें “आका” चाहिए। इसी पर तंज कसते हुए शुक्ला ने कहा कि विधायक को आईना देखना चाहिए, आका नजर आ जाएगा।

राजेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि अपने पुत्र को अंगरक्षक दिलाने, सहानुभूति बटोरने और राजनीतिक विरोधियों को फंसाने के उद्देश्य से यह पूरा घटनाक्रम रचा गया। उन्होंने कहा कि अपने ही दल के नेताओं, अधिकारियों और बाहर के राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने की साजिश की गई।

पूर्व विधायक ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विधायक के रसूख के चलते पुलिस मामले की गहराई तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस ने ऐसे तीन युवकों को आरोपी बनाया, जिनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उनका कहना था कि हमलावरों ने सौरभ बेहड़ के कहने पर हमला करने की बात कबूल की है।

उन्होंने कहा कि जिस पुत्र के बारे में कहा जाता है कि वह पिता की अनुमति के बिना शादी-विवाह या प्रेस से बातचीत तक नहीं करता, वह अकेले इतना बड़ा षडयंत्र रच दे, यह संभव नहीं है। पूर्व विधायक ने कहा कि खुद पर हमला कराने के मामले में विधायक पुत्र के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए थी।

राजेश शुक्ला ने यह भी बताया कि इस मामले में उनके भतीजों की कॉल डिटेल जांचने के लिए पुलिस उनके घर तक पहुंची, जिसे उन्होंने राजनीतिक प्रतिशोध बताया।