रुद्रपुर। तराई विकास संघ के चुनाव से ठीक एक दिन पहले जारी अंतरिम डेलीगेट्स सूची को लेकर सोमवार को विवाद गहरा गया। सूची में 18 समितियों के 36 डेलीगेट्स के नाम शामिल न होने का आरोप लगाते हुए प्रतिनिधियों ने चुनाव स्थल पर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित लोगों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ भी की, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद नाराज डेलीगेट्स धरने पर बैठ गए और चुनाव प्रक्रिया निरस्त करने की मांग उठाई।
मंगलवार को प्रस्तावित चुनाव के लिए सोमवार को अंतरिम डेलीगेट्स सूची का प्रकाशन किया गया था। सूची जारी होते ही कई समितियों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उनकी समितियों के वैध डेलीगेट्स के नाम जानबूझकर सूची से हटा दिए गए हैं। उनका कहना था कि इससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। विरोध बढ़ने पर प्रतिनिधियों ने चुनाव स्थल पर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो देखते ही देखते उग्र हो गया और वहां तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई।
धरने पर बैठे प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कुछ पूर्व पदाधिकारियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 18 समितियों के 36 डेलीगेट्स के नाम सूची से बाहर रखे गए हैं। उनका कहना है कि यदि सभी पात्र डेलीगेट्स को मतदान का अधिकार नहीं दिया गया तो चुनाव निष्पक्ष नहीं माना जा सकता। उन्होंने चुनाव अधिकारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने, अंतरिम सूची में संशोधन करने तथा आवश्यकता पड़ने पर चुनाव प्रक्रिया निरस्त कर नई तिथि घोषित करने की मांग की।
दूसरी ओर, हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को शांत कराया और कानून-व्यवस्था बनाए रखी। देर शाम तक चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। हालांकि चुनाव अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विवाद के बीच मंगलवार को प्रस्तावित चुनाव तय कार्यक्रम के अनुसार होगा या उसमें कोई बदलाव किया जाएगा।




