पंतनगर, संवाददाता। प्रदीप बत्रा ने सोमवार को गोविन्द वल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में जैव प्रौद्योगिकी परिषद मुख्यालय (बायोटेक भवन) का विधिवत लोकार्पण किया। उन्होंने शिलापट्ट का अनावरण कर कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन के साथ किया।
अपने संबोधन में मंत्री बत्रा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने के लिए जैवप्रौद्योगिकी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर देते हुए रसायन मुक्त खेती के लिए जैवप्रौद्योगिकी आधारित उन्नत प्रजातियों के विकास की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
इस अवसर पर मंत्री ने परिषद द्वारा विकसित कई उत्पादों जैसे नैनो उर्वरक, हर्बल ग्रीन टी, हर्बल साबुन, समरानी कप और मशरूम अचार का विमोचन कर उन्हें जनसामान्य को समर्पित किया। कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने बायोटेक भवन की प्रयोगशाला और पुस्तकालय का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
निदेशक बायोटेक डॉ. संजय कुमार ने परिषद की गतिविधियों और नई योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान का उद्देश्य शोध एवं विकास कार्यों को किसानों, युवाओं और उद्यमियों तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला और प्रगतिशील किसान डॉ. एस.एस. गौरैया ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया, जिसमें मंत्री प्रदीप बत्रा ने रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मणिन्द्र मोहन और डॉ. कंचन कार्की ने किया।
इस अवसर पर डॉ. समीना मेहताब, डॉ. रविन्द्र सिंह, डॉ. के.सी. वर्मा, डॉ. रत्ना राय, डॉ. आर.के. शर्मा, डॉ. आशुतोष मिश्रा, डॉ. गुरविंदर सिंह, डॉ. सुमित पुरोहित सहित परिषद के अधिकारी, कर्मचारी और शोधार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




