रुद्रपुर/किच्छा:
ऊधम सिंह नगर में अवैध वसूली और दबंगई का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रेता-बजरी ढुलाई के नाम पर एक व्यक्ति पर प्रतिमाह 70 हजार रुपये की फिरौती वसूलने का आरोप लगा है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्राम जाफरपुर निवासी राम सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह वाहन संख्या यूके 06 सीसी 3030 और यूके 15 सीए 2858 का स्वामी है। आरोप है कि इंद्रा कॉलोनी निवासी विकास सागर पिछले कई महीनों से उनके वाहनों से रेता और बजरी ढुलाई के नाम पर हर महीने 70 हजार रुपये की वसूली कर रहा था। बदले में वह यह भरोसा देता था कि यदि वाहन ओवरलोडिंग या कागजों की कमी के कारण पुलिस या किसी विभाग द्वारा पकड़े जाते हैं, तो वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर बिना जुर्माना दिए छुड़वा देगा।
पीड़ित के अनुसार, वसूली की रकम आरोपी नकद और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से लेता रहा। 14 अप्रैल 2026 को जब पीड़ित का ड्राइवर वाहन लेकर किच्छा रोड जा रहा था, तभी पुलिस ने वाहन को रोककर 77,500 रुपये का चालान कर दिया। इस पर जब पीड़ित ने आरोपी से संपर्क किया, तो उसने मामले को निपटाने का भरोसा दिलाया और सीओ सिटी कार्यालय ले जाने की बात कही।
तहरीर में कहा गया है कि आरोपी पीड़ित को सीओ कार्यालय लेकर गया, खुद अंदर गया और बाहर आकर दावा किया कि उसने अधिकारियों से बात कर ली है। इसके बाद वह पीड़ित को साथ ले गया और कथित तौर पर सबूत मिटाने के इरादे से उसका मोबाइल लेकर फरार हो गया।
इस घटना के सामने आते ही शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। जिस व्यक्ति पर आरोप लगे हैं, वह खुद को भाजपा अनुसूचित मोर्चा का जिला महामंत्री बताता है और राजनीतिक गलियारों में उसे एक भाजपा विधायक का करीबी माना जाता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। वहीं, इस प्रकरण के चलते सियासी हलकों में भी हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में मामला और गरमा सकता है।



