हथियारों के फर्जी लाइसेंस का बड़ा खेल उजागर, दो आरोपी गिरफ्तार; बरामद हुए पिस्टल-रायफल, अब नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश

Share the news

फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट में दो और गिरफ्तार, हथियार और कारतूस बरामद

रुद्रपुर। पंजाब के तरनतारन जिले से कथित तौर पर जारी फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई तेज करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो पिस्टल, दो रायफल, कारतूस, फर्जी लाइसेंस और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में चल रही जांच के दौरान एसओजी को सूचना मिली थी कि बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर हथियार रखने का एक नेटवर्क सक्रिय है। जांच में कुंडा क्षेत्र से जुड़े चार शस्त्र लाइसेंस संदिग्ध पाए गए, जिनकी पड़ताल में उनके फर्जी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद कुंडा थाने में अजय सिंह, अनूप सिंह, जगदेव सिंह और जगदीप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

रविवार को एसओजी ने ग्राम छिनकी, किच्छा निवासी अजय सिंह और कुंडा निवासी अनूप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार दोनों ने स्वयं को पंजाब का निवासी दर्शाकर फर्जी लाइसेंस तैयार कराए और उन्हीं के आधार पर हथियार खरीदे थे।

अनूप सिंह के कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल, एक .315 बोर रायफल, फर्जी लाइसेंस और मोबाइल फोन बरामद हुआ। वहीं अजय सिंह के पास से एक .32 बोर पिस्टल, एक .315 बोर रायफल, 16 कारतूस और फर्जी लाइसेंस बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार अनूप सिंह के खिलाफ पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इनसेट

पूछताछ में सामने आए 10-12 और नाम

एसआई सुनील सुतेड़ी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में फर्जी लाइसेंस नेटवर्क से जुड़े 10 से 12 अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *