रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर):
रुद्रपुर में शुक्रवार का दिन दर्द और मातम से भरा रहा, जब अलग-अलग हादसों और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों के चलते एक साथ छह शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। शोकाकुल माहौल के बीच परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। इस दौरान समाजसेवी सुशील गाबा ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना देते हुए राज्य सरकार से मुआवजे की मांग उठाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहली घटना में ग्राम मुकरंदपुर निवासी 55 वर्षीय शंकर मंडल की महतोष मोड़ के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह क्षेत्र “डेथ जोन” के रूप में कुख्यात हो चुका है। मृतक अपने पीछे चार बच्चों का परिवार छोड़ गया है।
दूसरी घटना में लालपुर निवासी टुकटुक चालक संजय बैरागी की किच्छा से लौटते समय एक डग्गामार बस की टक्कर से जान चली गई। संजय अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया, जिनके पालन-पोषण को लेकर परिजनों पर संकट गहरा गया है।
इसी क्रम में किच्छा के सिरौली निवासी 20 वर्षीय आरिस की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया जा रहा है कि उसका निकाह छह वर्ष पूर्व हुआ था।
वहीं शक्तिफार्म निवासी 45 वर्षीय मनोज विश्वकर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जबकि 27 वर्षीय सूरज हीरा अपने घर के पास संदिग्ध हालत में मृत पाए गए। इसके अलावा तीन दिन पूर्व मिले एक अज्ञात शव का भी पोस्टमार्टम कराया गया।
इस दौरान सुशील गाबा ने कहा कि महतोष क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल टोल वसूली पर ध्यान दिया जा रहा है, जबकि सुरक्षा उपायों की अनदेखी हो रही है।
उन्होंने मांग की कि सभी मृतकों के परिजनों को शीघ्र आर्थिक सहायता दी जाए और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
घटनास्थल और अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।




