2022 के मुकाबले 19,552 मतदाता घटे, फिर भी 1.73 लाख मतदाताओं के साथ नंबर-वन; विधायक शिव अरोरा ने निर्वाचन आयोग और बीएलओ का जताया आभार

SIR के बाद रुद्रपुर प्रदेश में सबसे अधिक मतदाताओं वाली विधानसभा

रुद्रपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद रुद्रपुर विधानसभा प्रदेश में सबसे अधिक मतदाताओं वाली विधानसभा बन गई है। अंतिम मतदाता सूची के अनुसार रुद्रपुर में अब एक लाख 73 हजार 171 मतदाता हैं। वर्ष 2022 के मुकाबले मतदाताओं की संख्या में 19 हजार 552 की कमी आई है, इसके बावजूद रुद्रपुर ने प्रदेश की सभी विधानसभाओं में पहला स्थान हासिल किया है। विधायक शिव अरोरा ने सोमवार को अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता कर निर्वाचन आयोग, बीएलओ, भाजपा के बीएलए-1 व बीएलए-2 समेत बूथ स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं का आभार जताया।

शिव अरोरा ने बताया कि 2022 में रुद्रपुर विधानसभा में एक लाख 92 हजार 723 मतदाता थे। इनमें एक लाख एक हजार 967 पुरुष, 90 हजार 750 महिलाएं और छह तृतीय लिंग के मतदाता शामिल थे। उस समय रुद्रपुर प्रदेश में सर्वाधिक मतदाताओं वाली विधानसभा में दूसरे स्थान पर थी।

एसआईआर के बाद रुद्रपुर में 90,479 पुरुष, 82,689 महिला और तीन तृतीय लिंग के मतदाता हैं। वहीं, मतदाता संख्या के मामले में कालाढूंगी एक लाख 65 हजार 430 मतदाताओं के साथ दूसरे स्थान पर है। रुद्रपुर में कालाढूंगी से 7,741 अधिक मतदाता हैं। इसके बाद सहसपुर, धर्मपुर, डोईवाला, रायपुर, काशीपुर, खानपुर, भेल रानीपुर और ऋषिकेश का स्थान है।

आपत्तियों के बाद 2309 नाम हटे

विधायक ने बताया कि आपत्तियों के परीक्षण के बाद 2,309 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि फॉर्म-6 और स्थानांतरण आदि की प्रक्रिया के तहत 2,675 नए मतदाता जुड़े। उन्होंने कहा कि मृतक, दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके और दो स्थानों पर मतदाता सूची में दर्ज नामों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई हुई है।

उन्होंने कहा कि रुद्रपुर में सिडकुल समेत अन्य औद्योगिक गतिविधियों के कारण बड़ी संख्या में लोग यहां आए थे। समय के साथ कई लोग दूसरे स्थानों पर चले गए या उनकी मृत्यु हो गई। ऐसे नामों का हटना मतदाता सूची के शुद्धीकरण की प्रक्रिया का हिस्सा है।

कांग्रेस के आरोपों पर साधा निशाना

शिव अरोरा ने एसआईआर को लेकर कांग्रेस और विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे जाने का जो दावा किया जा रहा था, अंतिम आंकड़े उसके विपरीत तस्वीर पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को वास्तविक और पारदर्शी बनाने के लिए मृतक, स्थानांतरित और अपात्र नामों की जांच जरूरी है।

मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग पर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी अरोरा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और चुनाव निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा रखना चाहिए।

विधायक ने कहा कि रुद्रपुर भाजपा का मजबूत क्षेत्र है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनता का विश्वास पार्टी के प्रति कायम है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में रुद्रपुर में भाजपा की जीत का दावा भी किया।

प्रेसवार्ता में दर्जा मंत्री सुरेश कोली, पूर्व पालिका अध्यक्ष मीना शर्मा, मंडल अध्यक्ष जगदीश विश्वास, धीरेश गुप्ता, गजेंद्र प्रजापति, मयंक कक्कड़, मनोज मदान, सुनील यादव आदि मौजूद रहे।