बाइक का बीमा क्लेम ठुकराना बीमा कंपनी को पड़ा भारी, 15 हजार रुपये लौटाने के आदेश, पुरानी क्षति का दावा साबित नहीं कर सकी कंपनी, उपभोक्ता आयोग ने छह प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान के दिए निर्देश

रुद्रपुर। सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त बाइक का बीमा क्लेम खारिज करना बीमा कंपनी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी को 15,062 रुपये की क्षति राशि छह प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज के साथ देने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा परिवादी को मानसिक उत्पीड़न के लिए पांच हजार और वाद व्यय के रूप में दो हजार रुपये भी देने होंगे। आयोग ने यह राशि 45 दिन के भीतर अदा करने के निर्देश दिए हैं।

चंद्रा इन्क्लेव फेस-2, फुलसुंगा निवासी हरकेश यादव ने किच्छा स्थित जय दुर्गा मोटर्स से बाइक खरीदी थी। बाइक का आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी से 14 सितंबर 2021 से 13 सितंबर 2022 तक बीमा था। इसकी बीमित राशि 36 हजार रुपये थी।

परिवादी के अनुसार 18 जुलाई 2022 को किच्छा से रुद्रपुर आते समय नालंदा स्कूल के पास अचानक जानवर सामने आने से बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद बाइक मरम्मत के लिए डीलर के गैरेज में खड़ी कराई गई, लेकिन बीमा कंपनी ने सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर क्लेम निरस्त कर दिया। कंपनी ने क्षति को पुरानी घटना का बताते हुए तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया था।

आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी पुरानी क्षति होने के आरोप के समर्थन में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। सर्वेयर की रिपोर्ट के मुताबिक नुकसान 15,062 रुपये आंका गया था, जिसका परिवादी ने भी खंडन नहीं किया। ऐसे में आयोग ने इसी राशि को देय मानते हुए ब्याज समेत भुगतान का आदेश दिया। फैसला 16 सितंबर 2026 को अध्यक्ष राजीव कुमार खरे, सदस्य नवीन चंद्र चंदोला और सदस्या डॉ. मनीला की पीठ ने सुनाया।