फर्जी आईडी से रोडवेज में मुफ्त सफर, जेब से निकले 14 पहचान पत्र, खुद को आरटीओ कर्मचारी बताकर बस में कर रहा था यात्रा

शस्त्र लाइसेंस की प्रतियां भी बरामद

रुद्रपुर। उत्तराखंड परिवहन निगम की बस में फर्जी सरकारी पहचान पत्र दिखाकर मुफ्त यात्रा कर रहे एक संदिग्ध को पकड़ा गया। आरोपी ने खुद को परिवहन विभाग का कर्मचारी बताते हुए परिचय पत्र दिखाया, लेकिन उसके दावे की जांच हुई तो पूरा मामला फर्जी निकला। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों के साथ केंद्रीय सैनिक बोर्ड के नाम से बने कुल 14 संदिग्ध परिचय पत्र और शस्त्र लाइसेंस की प्रतियां बरामद हुई हैं।

 

जानकारी के अनुसार रुद्रपुर डिपो की बस संख्या यूके-06 पीए-1726 खटीमा से रुद्रपुर आ रही थी। इसी दौरान एक यात्री ने खुद को सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय, ऊधम सिंह नगर का कर्मचारी बताते हुए फर्जी आईडी कार्ड दिखाया। उसके आचरण पर संदेह होने पर मामले की सूचना दी गई। इसके बाद बगवाड़ा मंडी के पास बस का औचक निरीक्षण कर यात्री से पूछताछ की गई।

 

पूछताछ में यात्री ने अपना नाम त्रिलोक दत्त पुत्र नारायण दत्त बताया। उसने पहले खुद को पिथौरागढ़ आरटीओ कार्यालय में तैनात कर्मचारी बताया, लेकिन पूछताछ के दौरान उसके बयान बदलते रहे। इस पर परिवहन विभाग के अधिकारियों से पहचान की पुष्टि कराई गई।

 

एआरटीओ रुद्रपुर कार्यालय की ओर से पत्र संख्या 1237 जारी कर स्पष्ट किया गया कि त्रिलोक दत्त नाम का कोई व्यक्ति परिवहन विभाग में कार्यरत नहीं है। उसके पास मौजूद परिचय पत्र को भी फर्जी बताया गया। इसके बाद रोडवेज प्रबंधन की ओर से कोतवाली रुद्रपुर में तहरीर दी गई।

 

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और रोडवेज को राजस्व हानि पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बरामद 14 आईडी कार्ड और शस्त्र लाइसेंस की प्रतियों की भी जांच की जा रही है कि इनका इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया।