एसडीएम की संस्तुति पर डीएम ने की कार्रवाई
रुद्रपुर। एमबीबीएस में प्रवेश के लिए फर्जी प्रमाणपत्र तैयार किए जाने के मामले की जांच के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन में प्रथमदृष्टया लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने गदरपुर तहसील के लेखपाल सरताज अली को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा की संस्तुति पर की गई।
बाजपुर में एमबीबीएस प्रवेश के लिए फर्जी प्रमाणपत्र तैयार किए जाने का मामला सामने आने के बाद गदरपुर तहसील में भी प्रमाणपत्रों की जांच शुरू की गई थी। एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा के नेतृत्व में गुरुवार रात तहसील में संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की गई। जांच में कई प्रमाणपत्रों से जुड़े दस्तावेजों के विवरण में आपसी असंगतियां सामने आईं।
जांच के दौरान प्रियांशु गुप्ता के प्रमाणपत्रों में लगाए गए खतौनी, राशन कार्ड और अन्य अभिलेखों में परिवार व निवास संबंधी जानकारी का मिलान नहीं हुआ। वैष्णवी सिंह पुत्री विजेंद्र सिंह के मामले में आधार कार्ड, राशन कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों के सत्यापन में जांच रिपोर्ट में कथित कूटरचना का उल्लेख किया गया है। अवंतिका दास पुत्री राजेश कुमार के स्थायी निवास, जाति और अन्य प्रमाणपत्रों से जुड़े अभिलेखों में भी अंतर मिला।
इसके अलावा राजेश कुमार के नाम जारी प्रमाणपत्रों और महेश कुमार से संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन में भी विसंगतियां सामने आईं। जांच के दौरान प्रमाणपत्रों के सत्यापन में लेखपाल सरताज अली की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। प्रथमदृष्टया लापरवाही पाए जाने पर एसडीएम ने निलंबन की संस्तुति डीएम को भेजी, जिसके बाद डीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया।
