काशीपुर। तहसील में राजस्व मामलों के निस्तारण और अभिलेखों की व्यवस्था की हकीकत सोमवार को कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के औचक निरीक्षण में सामने आ गई। निरीक्षण के दौरान एक ऐसा मामला मिला, जिसमें आवेदन 18 तारीख को जमा हुआ, जबकि उस पर रिपोर्ट 16 तारीख की लगी थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने जिलाधिकारी को संबंधित कानूनगो से जवाब तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त ने तहसील के विभिन्न पटलों, अभिलेखागार और राजस्व अनुभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने जनता से जुड़े मामलों, धारा 143 के प्रकरणों और पांच साल से अधिक समय से लंबित स्वामित्व वादों की स्थिति की समीक्षा की। फाइलों के लंबे समय तक लंबित रहने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को फरियादियों के मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण करने के निर्देश दिए।
पांच साल पुराने मामलों में भी मिली लापरवाही
एसडीएम कोर्ट में पांच वर्ष से लंबित पांच स्वामित्व वादों की समीक्षा में दो मामलों में लापरवाही सामने आई। आयुक्त ने डीएम को संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। पूर्व आदेशों का पालन नहीं करने वाले लेखपाल और पेशकार को एक सप्ताह के भीतर प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश भी दिए गए।
जमीन और पारिवारिक बंटवारे से जुड़े मामलों में भी आयुक्त ने रिकॉर्ड खंगाले। उन्होंने बताया कि कई मामलों में कुर्रे बनाने के आदेश काफी पहले हो चुके थे, लेकिन लेखपाल की ओर से समय पर कुर्रा तैयार नहीं किया गया। इस पर भी संबंधित कार्मिकों का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए गए।
143 के मामलों में आवेदन की तारीख दर्ज नहीं
धारा 143 के तहत भूमि के गैर-कृषि उपयोग से संबंधित ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदनों की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने पाया कि कई आवेदनों पर प्राप्ति की तारीख दर्ज नहीं है। इससे यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि कितने मामले कितने समय से लंबित हैं। उन्होंने व्यवस्था दुरुस्त करने और प्रत्येक आवेदन की प्राप्ति तिथि दर्ज करने के निर्देश दिए।
कानूनगो कक्ष के निरीक्षण में आवेदनों की प्राप्ति पंजिका नहीं मिलने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई और दोनों कानूनगो का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। साथ ही तहसील परिसर में दस बड़े बकायेदारों की सूची प्रदर्शित करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जयकिशन, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, एसडीएम अभय प्रताप सिंह, सीओ प्रशांत कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
