रुद्रपुर। कार में आग लगने के बाद बीमा दावा खारिज करना बीमा कंपनी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, ऊधमसिंह नगर ने मामले की सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी को परिवादी को 5,08,688 रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही मानसिक क्षति के लिए तीन हजार और वाद व्यय के रूप में दो हजार रुपये देने को कहा गया है।
मामला रामपुर रोड रेलवे फाटक के पास 3 मार्च 2022 की रात का है। परिवादी गोविंद पुत्र पवन कुमार निवासी ग्राम चकरपुर, रामपुर ओझा के अनुसार वह परिवार के साथ मानपुर ओझा से घर लौट रहा था। रामपुर रोड रेलवे फाटक बंगाली कॉलोनी के पास अचानक कार में आग लग गई। उसने कार सड़क किनारे खड़ी कर परिवार के लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची दमकल टीम ने आग बुझाई, लेकिन तब तक कार बुरी तरह जल चुकी थी। कार में रखे आरसी, आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज भी आग की भेंट चढ़ गए।
परिवादी ने वाहन का बीमा होने के आधार पर कंपनी के समक्ष क्लेम प्रस्तुत किया, लेकिन बीमा कंपनी ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि दुर्घटना के समय वाहन चालक के पास वैध स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने उपलब्ध दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों का परीक्षण किया। आयोग ने बीमा कंपनी के दावे को स्वीकार नहीं किया और परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए 45 दिन के भीतर भुगतान के आदेश दिए। आदेश अध्यक्ष राजीव कुमार खरे तथा सदस्य नवीन चंद्र चन्दोला और डॉ. मनीला की पीठ ने 31 अगस्त 2026 को पारित किया।
