फाइल दबाकर बैठने वाले विवेचकों पर कसेगा शिकंजा, देरी हुई तो तय होगी जवाबदेही, क्राइम बैठक में एसएसपी सख्त

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ऑपरेशन प्रहार में नशे की पूरी चेन खंगालने और गैंगस्टर-पिट एनडीपीएस के तहत कार्रवाई के निर्देश

 

रुद्रपुर। मुकदमों की विवेचना को लटकाकर बैठने वाले पुलिसकर्मियों के लिए अब राहत की गुंजाइश नहीं होगी। लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में देरी पर संबंधित विवेचक की जवाबदेही तय की जाएगी। सोमवार को पुलिस कार्यालय सभागार में एसएसपी अजय गणपति की अध्यक्षता में हुई मासिक अपराध समीक्षा बैठक में उन्होंने लंबित अभियोगों की थाना और क्षेत्रवार समीक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।

 

एसएसपी ने कहा कि विवेचना केवल कागजी कार्रवाई पूरी करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से मामले का निस्तारण किया जाए। अनावश्यक रूप से विवेचना लंबित रखने पर संबंधित विवेचक से जवाब लिया जाएगा। क्षेत्राधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित विवेचनाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।

 

बैठक में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन प्रहार को लेकर भी एसएसपी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि किसी तस्कर को पकड़कर नशे के खिलाफ कार्रवाई खत्म नहीं होनी चाहिए। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि नशे की खेप कहां से आई, किसके जरिए पहुंची और आगे किन लोगों तक सप्लाई होनी थी। इसके लिए तस्करों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगालने पर जोर दिया गया।

 

संगठित अपराध में शामिल आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट और PIT-NDPS जैसी प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सक्रिय अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलकर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने को भी कहा गया।

 

एसएसपी ने साफ किया कि अपराध नियंत्रण में नतीजे के साथ-साथ विवेचना की गुणवत्ता भी पुलिसिंग की कसौटी होगी।

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