रुद्रपुर। उत्तराखंड की गांवों में रहने वाली महिलाओं के हुनर को अब कारोबार की बड़ी उड़ान देने की तैयारी है। शुक्रवार को देहरादून में आयोजित मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना चौपाल का सजीव प्रसारण विकास भवन रुद्रपुर में सैकड़ों महिला उद्यमियों ने देखा। कार्यक्रम में प्रदेश की 39 लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया। इनमें ऊधम सिंह नगर की रश्मि तिवारी, संगीता और भगवती सागर भी शामिल रहीं।
चौपाल में ग्रामीण महिलाओं के छोटे कारोबार को बड़े बाजार से जोड़ने पर खास जोर रहा। मंडुवा, झंगोरा, पहाड़ी मसाले, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प और ऊनी उत्पादों को सिर्फ गांव तक सीमित रखने के बजाय उनकी पहचान देशभर में बनाने की दिशा में काम करने की बात कही गई। उत्पाद की गुणवत्ता के साथ डिजाइनिंग, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को कारोबार की मजबूती का आधार बताया गया।
प्रदेश में तीन लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब उन्हें करोड़पति उद्यमी बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत अब तक 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहयोग मिलने और आठ हजार से अधिक महिला उद्यमियों व स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों के उद्यमिता से जुड़ने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान देहरादून के 13 गांवों में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र खोलने की घोषणा भी की गई। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार मिलने की उम्मीद है।
इधर, विकास भवन में प्रसारण के बाद मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने महिला उद्यमियों से संवाद किया। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग सुधारने के साथ सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफार्मों के जरिए स्थानीय उत्पादों को बाजार देने पर जोर दिया। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के बेहतर उत्पादों का प्रचार करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में 39 उत्कृष्ट महिला-पुरुष उद्यमियों को सम्मानित किया गया। विभिन्न विभागों और स्वयं सहायता समूहों की ओर से लगाए गए स्टॉलों पर स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रथ जिले के ब्लॉकों और न्याय पंचायतों में पहुंचकर योजनाओं और उद्यमिता की जानकारी देगा।




