स्मैक तस्करी के दोषी को छह माह की सजा, टॉर्च की रोशनी में पकड़ा था आरोपी, सेवन के मामले में भी दो माह का सश्रम कारावास

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रुद्रपुर। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) ऊधम सिंह नगर की अदालत ने स्मैक रखने और सेवन करने के मामले में आरोपी फिरासत अली को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। न्यायालय ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत छह माह के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना जमा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं धारा 27 के तहत दो माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने दोनों सजाओं को एक साथ चलाने का आदेश दिया है।

 

मामला 23 अप्रैल 2023 की रात करीब 9:30 बजे का है। पुलभट्टा थाना पुलिस की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। सिरौली चौराहे से आगे इंद्रानगर पुलिया के पास पुलिस को देखकर एक व्यक्ति अचानक घबराकर पीछे हटने लगा। शक होने पर पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान फिरासत अली (42) निवासी वार्ड नंबर 18, सिरौलीकलां, थाना पुलभट्टा के रूप में हुई।

 

पुलिस ने टॉर्च की रोशनी में उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके दाहिने हाथ की मुट्ठी में पारदर्शी पन्नी मिली, जिसमें करीब 10 ग्राम स्मैक बरामद हुई। जेब से 900 रुपये भी मिले। पूछताछ में आरोपी ने स्मैक का सेवन करने और इसे बेचने की बात स्वीकार की थी।

 

मामले की सुनवाई न्यायालय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) दीपाली शर्मा की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी ने स्वेच्छा से अपना अपराध स्वीकार करते हुए इकबाल-ए-जुर्म के आधार पर फैसला सुनाने का अनुरोध किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपी के स्वीकारोक्ति के आधार पर 19 अगस्त 2026 को उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

 

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को उसकी सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।

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