मतदान के बाद तीन सप्ताह में मतगणना के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती, सोमवार को सुनवाई की संभावना
किच्छा। किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव में मतदान के बाद मतगणना नहीं होने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट के तीन सप्ताह के भीतर मतगणना कराने के आदेश के बाद कांग्रेस समर्थित सभासद पद की प्रत्याशी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। मामले में सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है।
किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका के लिए 22 सितंबर को मतदान हुआ था। मतदान के दिन शाम को किच्छा के स्ट्रांग रूम के बाहर कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच तनातनी हो गई थी। इस दौरान विवाद बढ़ने पर भाजपा कार्यकर्ता द्वारा विधायक बेहड़ के साथ हाथापाई किए जाने के बाद मौके पर हंगामा हो गया था। इसके बाद दोनों निकायों की मतपेटियां स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रख दी गईं।
मतदान के बाद प्रशासन की ओर से मतगणना के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा गया था। इस पर किच्छा नगर पालिका में कांग्रेस से सभासद पद का चुनाव लड़ रहीं प्रत्याशी ने हाईकोर्ट का रुख किया और तीन सप्ताह का समय मांगे जाने पर सवाल उठाते हुए शीघ्र मतगणना कराने की मांग की।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह के भीतर मतगणना कराने के निर्देश दिए थे। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई सोमवार को होने की संभावना है। सुनवाई के बाद किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
