दहेज हत्या के मुकदमे में पति बरी, अभियोजन के आरोप नहीं हुए साबित, छह माह की गर्भवती पत्नी की मौत के मामले में अदालत ने दिया संदेह का लाभ, दहेज मांग और प्रताड़ना का ठोस साक्ष्य नहीं मिला

रुद्रपुर। खटीमा में वर्ष 2021 में छह माह की गर्भवती महिला की मौत से जुड़े दहेज हत्या के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, ऊधम सिंह नगर आरके श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी पति चन्दर सिंह रफाल को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष दहेज की मांग और मृत्यु से ठीक पहले उसके लिए की गई प्रताड़ना को युक्तियुक्त संदेह से परे साबित नहीं कर सका। आरोपी चन्दर सिंह सेना में नौकरी करता था और घटना के समय छुट्टी पर घर आया था।

 

अदालती दस्तावेजों के अनुसार चन्दर सिंह और हिमानी का वर्ष 2016 में प्रेम विवाह हुआ था। 12 फरवरी 2021 को हिमानी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। अस्पताल ले जाने पर उसकी मौत हो गई। इसके बाद मृतका की मां कमला देवी की ओर से पति और उसके परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

 

सुनवाई के दौरान दहेज की मांग को लेकर अभियोजन के साक्ष्यों में विरोधाभास सामने आया। मृतका के पिता लक्ष्मण सिंह ने प्रतिपरीक्षा में स्वीकार किया कि चन्दर सिंह ने उनके सामने कभी दहेज की मांग नहीं की थी। विवेचना के दौरान पड़ोसियों से पूछताछ में भी दहेज मांगने का कोई स्पष्ट साक्ष्य सामने नहीं आने की बात पुलिस अधिकारियों ने अदालत में कही।

 

मौत के कारण को लेकर भी अभियोजन के मामले पर सवाल उठे। पोस्टमार्टम में शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले। चिकित्सकीय राय में हिमानी के पहले से गंभीर संक्रमण से पीड़ित होने और सेप्टीसीमिया फैलने की संभावना जताई गई थी।

 

इन परिस्थितियों में अदालत ने अभियोजन के आरोपों को संदेह से परे साबित न होने पर चन्दर सिंह को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया।