संवाददाता, रुद्रपुर।
बीमा पॉलिसियों का प्रीमियम बोनस सहित वापस दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने हल्द्वानी निवासी एक बुजुर्ग से 72.33 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठग खुद को एनपीसीआई (NPCI) का अधिकारी बताते रहे और करीब 10 महीने तक अलग-अलग शुल्क के नाम पर रकम ऐंठते रहे। शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, कुमाऊं रेंज रुद्रपुर ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुखानी थाना क्षेत्र के बिठौरिया नंबर-1, बिष्टधड़ा शिव शक्ति विहार निवासी सुरेंद्र सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2024 में उन्होंने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम विभिन्न बीमा कंपनियों में पांच पॉलिसियां ली थीं। पहली किस्त के रूप में करीब 80 हजार रुपये जमा करने के बाद वह आगे का प्रीमियम जमा नहीं कर सके। इसके कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से कॉल आने लगी।
कॉल करने वाले ने अपना नाम संदीप शर्मा बताते हुए खुद को एनपीसीआई में असिस्टेंट मैनेजर बताया। उसने दावा किया कि बंद पड़ी पांचों पॉलिसियों का प्रीमियम और बोनस मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये बनता है, जिसे वह वापस दिला सकता है। इसके लिए उसने आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो व्हाट्सएप पर मंगवा लिए।
इसके बाद ठगों ने प्रोसेसिंग फीस, कैपिटल गेन टैक्स, जीएसटी, आरबीआई प्रोसेसिंग चार्ज, राज्य परिवर्तन शुल्क और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर बार-बार रकम जमा करानी शुरू कर दी। पीड़ित ने 14 जुलाई 2025 से 6 मई 2026 के बीच अपने बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और एक्सिस बैंक के खातों से कुल 84 ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से 72,33,600 रुपये विभिन्न बैंक खातों में भेज दिए।
जब लंबे समय तक कोई भुगतान नहीं मिला और आरोपियों के मोबाइल नंबर बंद हो गए, तब पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ। उन्होंने बैंक स्टेटमेंट, व्हाट्सएप चैट और अन्य दस्तावेज साइबर पुलिस को सौंप दिए हैं।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान कॉल पर व्यक्तिगत दस्तावेज या धनराशि साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें।




