रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में निहंग सिखों के डटे रहने से उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य होती नजर आ रही है। करीब 36 घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद सोमवार सुबह गुरुद्वारे की छत पर मौजूद दो निहंग सिख प्रशासन से बातचीत के बाद नीचे उतर आए, जबकि पांच अन्य अभी भी ऊपरी मंजिल पर मौजूद हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि संवाद के जरिए जल्द ही पूरे मामले का समाधान निकाल लिया जाएगा।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर लगातार मौके पर डटे हुए हैं। दोनों अधिकारियों ने निहंग सिखों से फोन और माइक के माध्यम से बातचीत कर उन्हें शांतिपूर्ण समाधान के लिए राजी करने का प्रयास किया। प्रशासन ने बल प्रयोग से बचते हुए धैर्य और संवाद की नीति अपनाई है।
इस बीच किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गुरुद्वारे के बाहर आईटीबीपी की तैनाती की गई है। सोमवार सुबह एक निहंग के भोजन लेने नीचे आने के दौरान ऊपर मौजूद साथियों ने उसे सुरक्षा देने के लिए पथराव भी किया। हालांकि स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और इंटरनेट सेवाएं भी बहाल कर दी गई हैं।
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चारधाम यात्रा के बीच बढ़ी प्रशासन की चिंता
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा चरम पर हैं। लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच गुरुद्वारे में पैदा हुआ तनाव प्रशासन के लिए चुनौती बन गया। घटना ने संवेदनशील धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, खुफिया निगरानी और सूचना तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह आपसी विवाद का मामला है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।




