संवाददाता, रुद्रपुर।
रुद्रपुर की चर्चित सामिया लेक सिटी परियोजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। हल्दूचौड़ निवासी एक महिला ने बिल्डर कंपनी के संचालकों और प्रतिनिधियों पर फ्लैट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लेने, कब्जा न देने, धनराशि हड़पने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस स्तर पर कार्रवाई नहीं होने पर महिला ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार हल्दूचौड़ के दौलिया नंबर-2 निवासी उमा चोपड़ा पत्नी नरेश कुमार चोपड़ा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर बताया कि वर्ष 2014 में उन्होंने सामिया लेक सिटी की गुलमोहर योजना के तहत 452 वर्गफुट का एक फ्लैट बुक कराया था। फ्लैट की कीमत 6.75 लाख रुपये तय की गई थी और वर्ष 2021 तक कब्जा देने का आश्वासन दिया गया था।
महिला का आरोप है कि उन्होंने विभिन्न किस्तों में 3.54 लाख रुपये से अधिक की राशि कंपनी के खाते में जमा कर दी, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी उन्हें फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया। आरोप है कि बाद में कंपनी के निदेशक सगीर अहमद ने बुक किए गए फ्लैट के स्थान पर दूसरा फ्लैट देने का प्रस्ताव रखा, जिससे असंतुष्ट होकर उन्होंने आगे की किस्तों का भुगतान रोक दिया।
पीड़िता का कहना है कि इसके बाद कंपनी के अधिकारी और प्रतिनिधि लगातार टालमटोल करते रहे। जब उन्होंने जमा धनराशि वापस करने या फ्लैट का कब्जा देने की मांग की तो उन्हें रुपये वापस न करने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2023 में कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि अमोध कुमार शुक्ला ने एक एमओयू के माध्यम से जमा धनराशि एक प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने का आश्वासन दिया था। कुछ किस्तों का भुगतान किए जाने के बाद शेष रकम लौटाना बंद कर दिया गया। आरोप है कि बाकी धनराशि मांगने पर फिर से धमकियां दी गईं।
एसएसआई अनिल जोशी ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के आदेश पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




