सितारगंज (ऊधम सिंह नगर)। तहसील परिसर में कथित रिश्वतखोरी के मामले को लेकर बुधवार से शुरू हुआ हाई प्रोफाइल घटनाक्रम गुरुवार सुबह करीब 20 घंटे बाद समाप्त हो गया। लंबे गतिरोध, कर्मचारी आंदोलन और प्रशासनिक स्तर पर चली वार्ता के बाद विजिलेंस टीम ने हिरासत में लिए गए वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा और संग्रह अमीन को मुक्त कर दिया। इसके बाद भारी पुलिस सुरक्षा के बीच विजिलेंस टीम दोनों कर्मचारियों को साथ लिए बिना तहसील परिसर से लौट गई।

बुधवार दोपहर विजिलेंस टीम ने एक किसान की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा और संग्रह अमीन को कथित तौर पर 16 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में हिरासत में लिया था। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही तहसील कर्मचारी विरोध में उतर आए और परिसर में धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते जिलेभर से राजस्व कर्मचारी सितारगंज पहुंच गए। वहीं, वरिष्ठ सहायक के गांव से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील पहुंच गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तहसील परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।
गुरुवार सुबह उपजिलाधिकारी तुषार सैनी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारी नेताओं और विजिलेंस अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता की। उच्चाधिकारियों से चर्चा के बाद गतिरोध समाप्त हुआ और विजिलेंस टीम ने दोनों कर्मचारियों को रिहा कर दिया।
एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने विजिलेंस को अवगत कराया कि जिस धनराशि को रिश्वत बताया जा रहा था, वह राजस्व विभाग की वैधानिक ऋण वसूली प्रक्रिया के तहत प्राप्त की गई राशि थी। विभागीय कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण कार्रवाई को अलग नजरिए से देखा गया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट शासन और उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है तथा आगे की कार्रवाई सक्षम स्तर के निर्देशों के अनुसार होगी।
उधर, विजिलेंस टीम के प्रभारी प्रभात कुमार ने कहा कि मामले की विवेचना अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही प्रकरण में अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा। फिलहाल दोनों कर्मचारियों को मुक्त किए जाने के बाद तहसील परिसर में सामान्य स्थिति बहाल हो गई है।




