एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह की दो टूक
देहरादून। फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के बीच एसटीएफ ने संदिग्ध लाइसेंस धारकों को कड़ा संदेश दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एसटीएफ अजय सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिन लोगों ने बाहरी राज्यों से फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस उत्तराखंड में स्थानांतरित कराए हैं, उनके लिए आत्मसमर्पण का यह अंतिम अवसर है।
एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि जांच के दौरान ऐसे कई मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें फर्जी पते और दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस जारी कराए गए। बाद में इन लाइसेंसों पर हथियार दर्ज कराकर उन्हें वैध दिखाने की कोशिश की गई। एसटीएफ की जांच में इस पूरे नेटवर्क के तार उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से जुड़े पाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में स्थानांतरित हजारों शस्त्र लाइसेंसों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। अब तक दर्ज मुकदमों में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है। फरार आरोपियों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
एसएसपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों के पास फर्जी अथवा नियमविरुद्ध तरीके से प्राप्त किए गए लाइसेंस और हथियार हैं, वे स्वयं पुलिस के समक्ष प्रस्तुत होकर अपने दस्तावेजों की जांच कराएं। उन्होंने कहा, “सरेंडर करें या जेल जाने को तैयार रहें। कानून से बचने का कोई रास्ता नहीं है।”
एसटीएफ का कहना है कि राज्य में अवैध हथियारों और फर्जी लाइसेंसों के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। सत्यापन के दौरान दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




