ईसाई बन जाओ वरना…! धमकी देकर कराया जा रहा धर्मांतरण, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक सभाओं की आड़ में चल रहा धर्म के सौदे का खेल, जांच समिति की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे

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उधम सिंह नगर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कथित तौर पर धार्मिक सभाओं की आड़ में धर्मांतरण का संगठित खेल चलने के आरोप सामने आए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित विशेष जांच समिति की प्रारंभिक जांच में ऐसे कई तथ्य उजागर हुए हैं, जिनमें ग्रामीणों को डराने-धमकाने और दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किए जाने की बात सामने आई है।

 

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार समिति ने गदरपुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से बातचीत की। जांच के दौरान कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग नियमित रूप से प्रार्थना सभाओं का आयोजन कर रहे हैं और लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें यह तक कहा जाता है कि यदि वे धर्म परिवर्तन नहीं करेंगे तो उन्हें गांव में रहने नहीं दिया जाएगा।

 

जांच के दौरान समिति ने चकरपुर, रामजीवनपुर और रतनपुरा सहित कई गांवों में लोगों के बयान दर्ज किए। ग्रामीणों ने दावा किया कि धार्मिक गतिविधियों की आड़ में लंबे समय से धर्मांतरण का अभियान चलाया जा रहा है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि आर्थिक सहायता, बेहतर जीवन और विभिन्न प्रकार के प्रलोभनों के साथ-साथ सामाजिक दबाव और भय का माहौल बनाकर लोगों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।

 

प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार इससे पहले रामजीवनपुर में अवैध रूप से संचालित एक चर्च को सील किया जा चुका है। इसके अलावा बुढ़िया कॉलोनी क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित किए जा रहे एक प्रार्थना सभा भवन के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी तथ्यों की गहन जांच कराई जा रही है।

 

जांच समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कई शिकायतों को गंभीर माना है। अब विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम-2018 के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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