सामिया लेक सिटी स्थित एक फ्लैट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब न्यायालय तक पहुंच गया है। पीड़ित नरेन्द्र अरोरा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कुछ लोगों पर मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, नरेन्द्र अरोरा ने वर्ष 2025 में सामिया लेक सिटी के एक फ्लैट में किराये पर रहना शुरू किया था। आरोप है कि फ्लैट से जुड़े विवाद और मरम्मत कार्य को लेकर मकान से संबंधित लोगों के साथ उनका विवाद हो गया। पीड़ित का कहना है कि बाद में कुछ लोगों ने उनकी पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट और मकान खाली करने का दबाव बनाया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर दंपती को जान से मारने की धमकी दी गई तथा उनके आवास के बाहर ताला तक लगा दिया गया। घटना की सूचना पुलिस को देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनका चालान कर दिया, जबकि शिकायत में नामजद लोगों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पीड़ित का कहना है कि थाने और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी लिखित शिकायत भेजी गई, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अब अदालत से मामले में एफआईआर दर्ज कराने और निष्पक्ष जांच के आदेश की मांग की गई है। मामला फिलहाल न्यायालय के विचाराधीन है।




