पूरा मामला…
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बैंकिंग लापरवाही का एक अहम मामला सामने आया है, जिसमें State Bank of India को एक उपभोक्ता को भारी हर्जाना देना पड़ा। देहरादून जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एटीएम ट्रांजेक्शन में हुई गड़बड़ी के मामले में बैंक को कुल 1 लाख 49 हजार 300 रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है।
मामला डालनवाला निवासी गुरवंत सिंह से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार 23 फरवरी 2022 को गुरवंत सिंह ने एसबीआई के एटीएम से 10 हजार रुपये निकालने के लिए कार्ड स्वाइप किया था, लेकिन मशीन से पैसे नहीं निकले और न ही उनके मोबाइल पर कोई मैसेज आया। उन्होंने इसे तकनीकी समस्या समझकर एटीएम छोड़ दिया। कुछ दिन बाद 3 और 4 मार्च को उनके खाते से अचानक 20 हजार रुपये डेबिट हो गए।
गुरवंत सिंह ने बैंक में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन बैंक अधिकारियों ने अपनी लॉग रिपोर्ट के आधार पर दावा किया कि एटीएम से नकदी निकल चुकी है। बैंक की इस प्रतिक्रिया से असंतुष्ट होकर गुरवंत सिंह ने दिसंबर 2022 में उपभोक्ता आयोग में मामला दायर किया।
सुनवाई के दौरान आयोग ने बैंक से यह साबित करने के लिए कहा कि पैसे वास्तव में ग्राहक को मिले थे, लेकिन बैंक कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। आयोग के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह खरे और सदस्य अलका नेगी की पीठ ने कहा कि केवल बैंक की आंतरिक मशीन रिपोर्ट के आधार पर उपभोक्ता के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता।
Reserve Bank of India की गाइडलाइन का हवाला देते हुए आयोग ने बैंक पर 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 1,24,300 रुपये का विलंब शुल्क लगाया। साथ ही 20 हजार रुपये लौटाने और 5 हजार रुपये मानसिक पीड़ा व कानूनी खर्च के रूप में देने का आदेश दिया। इस तरह कुल 1.49 लाख रुपये का हर्जाना तय किया गया।



