घरेलू नौकरानी के खिलाफ दायर बाद खारिज

Share the news

काशीपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने एक महिला अधिवक्ता की ओर से घरेलू नौकरानी के विरुद्ध दायर आपराधिक परिवाद खारिज कर दिया है।

नई सब्जी मंडी, शक्तिनगर निवासी महिला अधिवक्ता सोनल ने अपने घर में खाना बनाने वाली काली मंदिर निवासी रमाकान्ति उर्फ सुमन पत्नी विनोद कुमार वर्मा के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था।परिवाद में कहा गया था कि रमाकान्ति ने बच्चों के स्कूल फीस जमा करने के लिए उनसे 50,000 रुपए लिए थे। रमाकान्ति ने उक्त रकम 1,200 रुपए प्रति माह की किश्तों में चुकाने का वादा किया गया था। बाद में उसने उनके घर खाना बनाना बंद कर दिया और अक्टूबर 2024 में स्पष्ट कह दिया कि वह अब काम पर नहीं आएगी, “चाहे 25,000 रुपए का केस डालो या 50,000 रुपए का”। सोनल सिंघल ने रमाकान्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316 (1), 318 (4), 351 (1)(2) के अंतर्गत परिवाद दाखिल किया। रमाकान्ति की ओर से उसके अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि यदि कोई खाना बनाने वाली महिला काम छोड़ देती है तो वह कोई अपराध नहीं है। यह व्यक्ति विशेष की स्वेच्छा का मामला है, और इसमें किसी भी प्रकार का आपराधिक पक्ष नहीं बनता। सुनवाई के बाद अदालत ने परिवाद खारिज कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *