जजों की कमी दूर हो तो उत्तराखंड को मिलेगा त्वरित न्याय: मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता

सेवानिवृत्ति पर हाईकोर्ट में हुआ फूल कोर्ट रेफरेंस, भावुक हुए मुख्य न्यायाधीश, बार ने बताया महत्वपूर्ण योगदान

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता गुरुवार को सेवानिवृत्त हो गए। उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में दोपहर ढाई बजे फूल कोर्ट रेफरेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालय से जुड़े लोगों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।

अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि पिछले नौ माह के सीमित कार्यकाल में उन्हें उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का दायित्व संभालने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि नैनीताल शहर अपने आप में एक सुकून है। यहां से विदा होने के इस क्षण को वह महसूस तो कर रहे हैं, लेकिन उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते। उन्होंने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की ओर से मिले असीम स्नेह और सम्मान के लिए आभार जताया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड हाईकोर्ट में स्वीकृत 11 न्यायाधीशों की संख्या अभी पूरी नहीं हो सकी है। न्यायाधीशों की कमी दूर करने के लिए उनके स्तर से सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि सरकार इस पर जल्द निर्णय लेगी। न्यायाधीशों का कोरम पूरा होने से राज्य के लोगों को शीघ्र और त्वरित न्याय मिल सकेगा।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीसीएस रावत ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां रहीं। इनमें न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की पहल सबसे अहम है। न्यायाधीशों की कमी दूर होने से उत्तराखंड के लोगों को सुलभ, सस्ता और जल्द न्याय मिलने का रास्ता मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि यह बार के लिए भावुक क्षण है। ऐसे व्यक्तित्व को विदाई दी जा रही है, जिन्होंने उत्तराखंड हाईकोर्ट को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने किया। इसके बाद महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता के सम्मान में रेफरेंस पढ़ा।

इस मौके पर हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जेसीएस रावत, हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एवं सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश बीके बिष्ट, रजिस्ट्रार जनरल, उजाला के निदेशक, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, राज्य सरकार के वरिष्ठ पदों पर आसीन अधिवक्ता और नैनीताल के एसएसपी समेत न्यायिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।