यूकेएसएसएससी पेपर लीक: सरकार ने बनाई हाईकोर्ट जज की निगरानी में एसआईटी

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने यूकेएसएसएससी (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित करने का निर्णय लिया है। एसआईटी को एक माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। तब तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए जाएंगे। इसकी पुष्टि प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने की है।

 

जांच टीम का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) देहरादून जया बलूनी करेंगी। टीम में क्षेत्राधिकारी अंकित कंडारी, निरीक्षक लक्ष्मण सिंह नेगी, उपनिरीक्षक गिरीश नेगी और साइबर पुलिस स्टेशन से उपनिरीक्षक राजेश ध्यानी सदस्य होंगे।

 

बता दें कि 21 सितंबर को आयोजित परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र के तीन पन्नों के स्क्रीनशॉट सामने आने के बाद पेपर लीक का मामला तूल पकड़ गया था। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि पेपर हरिद्वार के आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज बहादरपुर जट से लीक हुआ। आरोपी खालिद ने जैमर न लगे कमरे से प्रश्न पत्र की फोटो खींचकर अपनी बहन साबिया को भेजी, जिसने इसे प्रोफेसर सुमन चौहान तक पहुंचाया। पुलिस ने खालिद और उसकी बहनों को हिरासत में लिया है, जबकि खालिद का मोबाइल अभी भी बरामद नहीं हो पाया है।

सरकार का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और इस घटना से सीख लेते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार किए जाएंगे।