रुद्रपुर। करीब आठ वर्ष पुराने सड़क हादसे में युवक की मौत के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं प्रथम अपर सिविल जज (जू.डि.) हेमंत सिंह की अदालत ने आरोपी सोनू यादव को लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाकर दुर्घटना करने का दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, 2 मार्च 2018 को होली के दिन दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गंगापुर रोड स्थित कौशल्या कॉलोनी के पास बिना नंबर की होंडा ड्रीम युगा मोटरसाइकिल पर तीन युवक सवार होकर जा रहे थे। आरोप है कि बाइक को तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाया जा रहा था। इसी दौरान सड़क किनारे अपने साथी के साथ जा रहे सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत सुधीर को बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में सुधीर गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद थाना ट्रांजिट कैंप में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना पूरी होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों के बयान दर्ज कराए। दुर्घटना के समय बाइक पर पीछे बैठे वाहन स्वामी जुगेश प्रसाद की गवाही और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को अदालत ने महत्वपूर्ण माना। इन साक्ष्यों के आधार पर यह सिद्ध हुआ कि दुर्घटना के समय बाइक सोनू यादव चला रहा था।
अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 279 में छह माह तथा धारा 304ए में एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। फैसले के बाद आरोपी को जिला कारागार भेज दिया गया।




