24 अक्तूबर को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे शिक्षक, देहरादून में सरकार के खिलाफ भरेंगे हुंकार, टीईटी की अनिवार्यता से छूट और पुरानी पेंशन बहाली समेत तीन मांगों पर आर-पार की तैयारी

रुद्रपुर। टीईटी की अनिवार्यता, पुरानी पेंशन और गैर-शैक्षणिक कार्यों के बढ़ते बोझ को लेकर प्राथमिक शिक्षकों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। अपनी मांगों को लेकर अब जिले के शिक्षक सामूहिक अवकाश लेकर देहरादून में ताकत दिखाएंगे। उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन की तदर्थ समिति, ऊधम सिंह नगर के आह्वान पर 24 अक्तूबर को जिले के प्राथमिक शिक्षक विद्यालयों से अवकाश लेकर महारैली और प्रदर्शन में शामिल होंगे। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर होने वाले इस प्रदर्शन के लिए सभी विकासखंडों के शिक्षकों को जुटाने की तैयारी की जा रही है।

 

शिक्षकों की प्रमुख मांगों में आरटीई अधिनियम-2009 लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से छूट देना शामिल है। संगठन का कहना है कि नियुक्ति के समय लागू नियमों के अनुरूप शिक्षकों को राहत मिलनी चाहिए। इसके साथ ही एक अक्तूबर 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई जाएगी।

 

गैर-शैक्षणिक कामों से मिले मुक्ति

 

शिक्षकों का कहना है कि पढ़ाने की जिम्मेदारी के साथ ऑनलाइन ऐप, ऑनलाइन कोर्स और दूसरे गैर-शैक्षणिक कार्यों का दबाव भी बढ़ता जा रहा है। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। संगठन इन अतिरिक्त जिम्मेदारियों का अनावश्यक बोझ कम करने की मांग कर रहा है।

 

समिति ने जिले के सभी विकासखंडों के शिक्षकों से महारैली में शत-प्रतिशत भागीदारी की अपील की है। सामूहिक अवकाश और प्रदर्शन की सूचना मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) और सभी उप शिक्षा अधिकारियों को भेज दी गई है। अब 24 अक्तूबर को शिक्षक अपनी मांगों के समर्थन में देहरादून में एकजुट होकर आवाज उठाएंगे।