रुद्रपुर। थाना पंतनगर क्षेत्र के शांतिपुरी में लेनदेन के विवाद के दौरान पिता की चाकू गोदकर हत्या करने वाले बेटे को अदालत ने कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) लक्ष्मी नारायण पटवा ने बताया कि शांतिपुरी निवासी चंदन गिरी गोस्वामी ने पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में कहा गया था कि दो मार्च 2023 की रात करीब नौ बजे उसका बड़ा भाई भजमन गिरि घर पहुंचा और बुजुर्ग मां से लेनदेन को लेकर विवाद करने लगा। परिवार के अन्य सदस्य बीच-बचाव और समझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन आरोपी ने हाथापाई शुरू कर दी।
इसी दौरान पिता दीवान गिरि ने दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की। आरोप है कि इस पर भजमन गिरि ने धारदार चाकू निकाल लिया और पिता पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल दीवान गिरि को तत्काल किच्छा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
मामले की सुनवाई तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश चंद्र आर्य की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण पटवा ने 13 गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने भजमन गिरि को पिता की हत्या का दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास तथा 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत के फैसले के बाद अभियोजन पक्ष ने इसे न्याय की जीत बताया।




