रुद्रपुर। पेंट की बाल्टी पर छपी अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) से ज्यादा रुपये वसूलना रुद्रपुर के एक डीलर को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मामले में गर्व इंफ्राटेक को अधिक वसूली गई रकम छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा उपभोक्ता को दो हजार रुपये वाद व्यय भी देना होगा। आयोग ने भुगतान के लिए 45 दिन का समय निर्धारित किया है।
नैना कॉलोनी, भूरारानी रोड निवासी नवीन कुमार ने भूरारानी रोड स्थित गर्व इंफ्राटेक से नेरोलेक कंपनी का 10 लीटर पेंट खरीदा था। इसके लिए दुकानदार ने 2400 रुपये लिए। बाद में बाल्टी पर अंकित विवरण देखने पर पता चला कि उसका निर्माण अक्टूबर 2021 में हुआ था और एमआरपी 2217 रुपये दर्ज थी। इस तरह उनसे 183 रुपये अधिक वसूले गए थे।
नवीन के अनुसार, विरोध करने पर दुकानदार ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने चार मार्च 2022 को जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया।
सुनवाई के दौरान डीलर ने दलील दी कि उसने जनवरी 2022 में निर्मित बाल्टी बेची थी, जिसकी एमआरपी 2587 रुपये थी और 187 रुपये की छूट देने के बाद 2400 रुपये लिए गए। वहीं, नेरोलेक कंपनी ने एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने के निर्देश देने से इनकार किया।
आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे तथा सदस्य नवीन चंद्र चंदोला और डॉ. मनीला की पीठ ने उपलब्ध साक्ष्यों और बाल्टी के फोटो का परीक्षण किया। इनमें अक्टूबर 2021 की निर्माण तिथि और 2217 रुपये एमआरपी दर्ज मिली। आयोग ने गर्व इंफ्राटेक की सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए परिवाद स्वीकार किया।
आदेश के अनुसार, 183 रुपये की अतिरिक्त वसूली गई रकम पर चार मार्च 2022 से भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देना होगा। नेरोलेक कंपनी के खिलाफ परिवाद निरस्त कर दिया गया।
