रुद्रपुर। वेतन, नियमितीकरण और समान काम-समान वेतन समेत छह सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी और कर्मचारी शुक्रवार को कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठ गए। रुद्रपुर रोडवेज स्टेशन परिसर में शुरू हुआ 24 घंटे का सांकेतिक धरना शनिवार सुबह छह बजे तक चलेगा। कार्य बहिष्कार के चलते बसों के संचालन पर भी असर पड़ा। रुद्रपुर डिपो की 45 बसों में से केवल 12 का संचालन होने की जानकारी है। यूनियन ने मांगों का समाधान नहीं होने पर 30 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि छह सूत्रीय मांगों को लेकर छह अक्तूबर को निगम प्रबंधन को पत्र दिया गया था। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समय पर वेतन भुगतान, नियमितीकरण और नियमितीकरण नहीं होने की स्थिति में उपनल कर्मचारियों की तर्ज पर 34,447 रुपये मासिक वेतन देना शामिल है। इसके अलावा लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान, ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों का समायोजन तथा सेवा शर्तों में सुधार की मांग भी उठाई गई है।
कर्मचारियों का कहना है कि उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में बसों की संख्या लगातार घट रही है। निगम में नई बसें शामिल नहीं होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बसों की कमी के बीच निजी बसों पर निर्भरता बढ़ रही है। कर्मचारियों ने हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर परिवहन निगम को बजट उपलब्ध कराने और बसों का बेड़ा बढ़ाने की मांग की।
यूनियन प्रतिनिधियों के अनुसार, रुद्रपुर डिपो में करीब 250 कर्मचारी कार्यरत हैं। आंदोलन को समर्थन देने के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के परिवहन कर्मचारी संगठनों से भी संपर्क किया गया है। कर्मचारियों ने कहा कि शुक्रवार का कार्य बहिष्कार सांकेतिक है। मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो 30 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
