रुद्रपुर। एसआईआर प्रक्रिया के तहत प्रेमवती के नाम जारी नोटिस के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित मृत्यु प्रमाण पत्र ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। वायरल दस्तावेज के आधार पर प्रेमवती की मृत्यु का दावा किया जा रहा था, लेकिन प्रशासनिक जांच में मामला पूरी तरह अलग निकला। जांच में सामने आया कि एसआईआर नोटिस पाने वाली प्रेमवती जीवित हैं और उन्होंने स्वयं एसडीएम कार्यालय पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए हैं।
एसडीएम अमृता शर्मा ने बताया कि जांच में प्रेमवती के जीवित होने की पुष्टि हो चुकी है। सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा मृत्यु प्रमाण पत्र एसआईआर नोटिस वाली प्रेमवती का नहीं, बल्कि समान नाम वाली दूसरी महिला का है। संबंधित महिला की वर्ष 2015 में ही मृत्यु हो चुकी है।
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2015 में मृत महिला का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। दोनों महिलाओं के नाम एक समान होने के कारण मृत्यु प्रमाण पत्र को एसआईआर नोटिस वाली प्रेमवती से जोड़कर भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायरल मृत्यु प्रमाण पत्र को एसआईआर प्रक्रिया के तहत नोटिस पाने वाली प्रेमवती से जोड़ना पूरी तरह गलत है। जांच के बाद वास्तविक स्थिति साफ हो गई है और सोशल मीडिया पर वायरल दावे की सच्चाई भी सामने आ गई है।



