छह राज्यों के पुलिस अफसरों समेत 134 प्रतिनिधि जुटेंगे, नेपाल की संस्था मैती भी होगी शामिल
रुद्रपुर। नेपाल से भारत तक फैले मानव तस्करी के नेटवर्क पर शिकंजा कसने और पीड़ितों के सुरक्षित पुनर्वास की रणनीति तैयार करने के लिए शुक्रवार को पंतनगर विश्वविद्यालय के गांधी हॉल में राज्यस्तरीय मानव तस्करी सम्मेलन होगा। सम्मेलन में उत्तराखंड समेत छह राज्यों के पुलिस अधिकारी, सुरक्षा एजेंसियां, अर्द्धसैनिक बल, प्रशासन और सामाजिक संगठनों से जुड़े करीब 134 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। नेपाल की सामाजिक संस्था मैती के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में शामिल होंगे।
सम्मेलन में सीमा पार और अंतरराज्यीय तस्करी के नेटवर्क के साथ ही साइबर माध्यमों से होने वाली मानव तस्करी पर विशेष मंथन होगा। पीड़ितों की पहचान, रेस्क्यू, कानूनी कार्रवाई और सुरक्षित पुनर्वास के लिए विभिन्न राज्यों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर रहेगा। जिले की 13 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के नोडल अधिकारी, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, श्रम, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समितियों और विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे।
कुमाऊं में सामने आए मामलों के अनुभव भी सम्मेलन में साझा किए जाएंगे। वर्ष 2018-19 में ऊधमसिंह नगर में नेपाल की 16 महिलाओं को तस्करी कर भारत लाते समय सीमा क्षेत्र से बरामद किया गया था। वर्ष 2022 में हरियाणा, दिल्ली और नेपाल से युवतियों को लाकर देह व्यापार कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। वर्ष 2025 में काशीपुर में नेपाल से नौकरी का झांसा देकर लाए गए 32 युवकों को बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया था। इसके अलावा कुमाऊं के युवाओं को विदेश ले जाकर म्यांमार के साइबर ठगी केंद्रों में धकेलने के मामले भी सामने आए हैं।
आधुनिक तरीकों से जांच और बचाव पर जोर
सम्मेलन में विशेषज्ञ मानव तस्करी के बदलते तौर-तरीकों, आधुनिक तकनीक से जांच, साक्ष्य जुटाने, बचाव अभियान और पीड़ितों के पुनर्वास के अनुभव साझा करेंगे। पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं निवेदिता कुकरेती और एसएसपी अजय गणपति ने बृहस्पतिवार को गांधी हॉल का निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और प्रवेश-निकास व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
