रुद्रपुर। लाखों रुपये खर्च कर भूखंड की रजिस्ट्री कराने के बाद भी खरीदार को कब्जा नहीं मिला। मामला रेरा प्राधिकरण से लेकर उच्चतम न्यायालय तक पहुंचा, लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि अब तक उसे जमीन नहीं मिल सकी है। पुलिस ने शिकायत पर प्रिया शर्मा और सुधीर चावला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
हल्द्वानी के गोविंदपुरा निवासी गुरमीत सिंह के अनुसार, उन्होंने सात अक्टूबर 2017 को ग्राम कोलड़ा में 9122.5 वर्ग फीट का भूखंड सुधीर चावला से 35.14 लाख रुपये में खरीदा था। भुगतान चेक और आरटीजीएस के माध्यम से किया गया। रुद्रपुर उपनिबंधक कार्यालय में रजिस्ट्री कराने के साथ उन्होंने 1.76 लाख रुपये स्टांप शुल्क और 25,200 रुपये पंजीकरण शुल्क भी जमा किया। इसके बाद भी उन्हें भूखंड का कब्जा नहीं मिला।
गुरमीत सिंह ने कब्जे के लिए रेरा प्राधिकरण में वाद दायर किया। उनके मुताबिक, छह जुलाई 2023 को प्राधिकरण ने सुधीर चावला और प्रिया शर्मा को भूखंड का कब्जा सौंपने के निर्देश दिए। इसके खिलाफ अपील भी 16 मार्च 2025 को निरस्त हो गई। कब्जा दिलाने के लिए दायर निष्पादन आवेदन पर 26 फरवरी 2026 को आदेश पारित हुआ।
आरोप है कि कानूनी विवाद की जानकारी होने के बावजूद भूखंड के एक हिस्से में दूसरे व्यक्ति और उसके परिवार को बैठा दिया गया और वहां निर्माण भी करा दिया गया। गुरमीत सिंह ने इसे जमीन पर कब्जा देने से रोकने की साजिश बताया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी।
