किच्छा (ऊधम सिंह नगर)
लिंगानुपात संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से किच्छा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को बड़ा औचक निरीक्षण अभियान चलाया। पीसी-पीएनडीटी एक्ट 1994 के अनुपालन की जांच के तहत कुल 8 अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जिसमें कई केंद्रों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान छत्रपति साहू जी महाराज हॉस्पिटल में रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति पाई गई। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रशासन ने अल्ट्रासाउंड मशीन को तत्काल प्रभाव से अस्थाई रूप से सील कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक योग्य और पंजीकृत रेडियोलॉजिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक मशीन का संचालन नहीं किया जाएगा।
इसी प्रकार गुप्ता अल्ट्रासाउंड केंद्र, सीएचसी किच्छा, बठला हॉस्पिटल, ॐ इमेजिंग अल्ट्रासाउंड सेंटर, किशोर हॉस्पिटल और सूरजमल हॉस्पिटल में भी रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति के चलते अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील कर दिया गया। हालांकि संबंधित केंद्रों द्वारा पूर्व में पीएनडीटी सेल को सूचना दिए जाने की बात भी सामने आई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा कि पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत बिना योग्य रेडियोलॉजिस्ट के अल्ट्रासाउंड संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है और इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सीमावर्ती जनपदों में भी विशेष सतर्कता अभियान चलाया जाएगा, ताकि अवैध लिंग चयन और भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
इस कार्रवाई में एसीएमओ डॉ. एस.पी. सिंह, जिला समन्वयक पीसी-पीएनडीटी सेल प्रदीप मेहर, आईएसडी बिंदु वसनी और तहसीलदार किच्छा गिरीश त्रिपाठी समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।
जारीकर्ता:
कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ऊधम सिंह नगर




