खटीमा। ऊधमसिंहनगर जिले के खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्र में कथित धर्मांतरण नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दंपति समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से गरीब, भोले-भाले और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, विशेषकर थारू जनजाति और अनुसूचित जाति के लोगों को निशाना बनाकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पुलिस के मुताबिक ग्राम दियां निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पति और अन्य लोग उसे जबरन ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बना रहे थे। विरोध करने पर गाली-गलौज, जान से मारने और बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जा रही थी। इसी तरह एक अन्य शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ लोग थारू बाहुल्य गांवों में प्रार्थना सभाएं आयोजित कर हिन्दू धर्म के खिलाफ भ्रामक बातें करते थे और लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए मानसिक रूप से तैयार करते थे।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी गांव-गांव जाकर गरीब परिवारों को बीमारी ठीक कराने, पारिवारिक संकट दूर करने और आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा देते थे। आरोप है कि धर्म परिवर्तन करने पर हर महीने छह हजार रुपये और एकमुश्त दो लाख रुपये तक देने का लालच दिया जाता था। लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि धर्म बदलने के बाद उनकी आर्थिक और सामाजिक परेशानियां खत्म हो जाएंगी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय थे और धीरे-धीरे गरीब तबकों में अपनी पैठ बना चुके थे। कई ग्रामीणों के अनुसार दूरस्थ गांवों में विशेष प्रार्थना सभाओं और बैठकों के जरिए लोगों को प्रभावित किया जाता था। इतना ही नहीं, धर्म परिवर्तन से इनकार करने वालों को डराने और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देने के आरोप भी सामने आए हैं।
एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में गठित विशेष पुलिस टीम ने बुधवार को दान सिंह राणा, जय सिंह राणा, द्रौपदी राणा और सुनील जार्ज पास्टर उर्फ सुनील जार्ज मसीह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दान सिंह राणा के कब्जे से मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसमें कथित तौर पर प्रार्थना सभाओं, धर्म परिवर्तन, पैसों के लेनदेन और लोगों को प्रभावित करने से जुड़े फोटो, वीडियो तथा ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं। पुलिस अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि गरीबों और असहाय लोगों को लालच, भय या दबाव के जरिए धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।




