फर्जी शस्त्र लाइसेंसों पर पुलिस का महाअभियान
ऊधम सिंह नगर पुलिस ने फर्जी और संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सत्यापन अभियान चलाकर बड़ा खुलासा किया है। एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर गठित तीन विशेष पुलिस टीमों ने जिलेभर में बाहरी राज्यों और गैर जनपदों से जारी शस्त्र लाइसेंसों की गहन जांच शुरू की। अभियान के दौरान 678 लाइसेंस सत्यापन के लिए चिन्हित किए गए, जिनमें से 626 का सत्यापन पूरा हो चुका है। जांच में 108 लाइसेंस संदिग्ध पाए गए, जबकि 94 लाइसेंस पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं। संबंधित थानों में 119 हथियार भी जमा करा दिए गए हैं।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई की शुरुआत 11 जून को कुंडा थाना क्षेत्र में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के साथ दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हुई। विवेचना में सामने आया कि कुछ लोग बाहरी राज्यों और उत्तर प्रदेश के गैर जनपदों से संदिग्ध तरीके से शस्त्र लाइसेंस बनवाकर हथियार खरीद रहे थे। इसके बाद 25 जून को एसएसपी ने तीन विशेष टीमों का गठन कर जिलेभर में व्यापक सत्यापन अभियान शुरू कराया।
थानावार कार्रवाई में बाजपुर सबसे आगे रहा, जहां 39 संदिग्ध लाइसेंस कब्जे में लिए गए। इसके अलावा केलाखेड़ा, गदरपुर, सितारगंज, कुंडा, काशीपुर, जसपुर, रुद्रपुर और दिनेशपुर में भी संदिग्ध लाइसेंसों पर कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि जिन लाइसेंसों पर संदेह है, उनकी वैधानिकता और जारी करने की प्रक्रिया की बारीकी से जांच की जा रही है। यदि जांच में फर्जीवाड़ा या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि अपराध मुक्त देवभूमि के लक्ष्य को लेकर यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
जनपद में सत्यापन के लिए चिन्हित 678 शस्त्र लाइसेंसों में से अब तक 626 का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 52 लाइसेंसों की जांच अभी शेष है। नानकमत्ता, आईटीआई, बाजपुर, खटीमा और दिनेशपुर समेत कुछ थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमें दस्तावेजों का मिलान और लाइसेंसधारकों का सत्यापन कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि शेष जांच पूरी होने के बाद संदिग्ध लाइसेंसों की संख्या में बदलाव संभव है।
पुलिस जांच में सामने आया कि कई शस्त्र लाइसेंस बाहरी राज्यों और उत्तर प्रदेश के गैर जनपदों से जारी किए गए हैं। इन्हीं लाइसेंसों के आधार पर हथियार खरीदे जाने की जानकारी मिलने के बाद विशेष अभियान शुरू किया गया। पुलिस अब संबंधित जिलों और राज्यों से रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। यदि लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में अनियमितता या फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल मिला तो संबंधित लाइसेंस निरस्त कराने के साथ ही आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
30 शब्दों में न्यूज स्क्रिप्ट अख़बारनुमा



