दशकों से बंद सड़क खुलेगी, रुद्रपुर को मिलेगा मिनी बाईपास, अटरिया मोड़ से इंदिरा कॉलोनी तक 1.150 किमी सड़क के लिए बजट मंजूर

ड्रेनेज परियोजना की पहली किस्त भी जारी

रुद्रपुर। शहर में जाम की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। अटरिया मोड़ से इंदिरा कॉलोनी तक दशकों से बंद पड़े मार्ग को खोलकर मिनी बाईपास के रूप में विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने 1.150 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति दे दी है। सड़क बनने से काशीपुर बाईपास पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं, शहर को जलभराव से राहत दिलाने के लिए तैयार ड्रेनेज परियोजना के लिए भी शासन ने 8.82 करोड़ रुपये की पहली किस्त मंजूर कर दी है।

महापौर विकास शर्मा ने बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लंबे समय से बंद पड़े इस मार्ग को दोबारा विकसित करने के प्रयास किए जा रहे थे। नगर निगम की टीम के साथ स्थल निरीक्षण और सर्वे करने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर सड़क निर्माण का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने इसे अपनी घोषणा में शामिल किया था। अब शासन से वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता खुल गया है। महापौर के अनुसार, सड़क निर्माण के लिए 16.90 लाख रुपये का आगणन तैयार किया गया है। शासन के अपर सचिव महावीर सिंह चौहान ने इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को पत्र जारी किया है। सड़क बनने से इंदिरा कॉलोनी, सिंह कॉलोनी, इंदिरा बंगाली कॉलोनी और भूरारानी क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने के साथ लोगों के समय और ईंधन की बचत होने की भी उम्मीद है।

महापौर ने कहा कि रुद्रपुर में आबादी और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में वैकल्पिक मार्ग विकसित करना जरूरी है। मिनी बाईपास शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अब संबंधित विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।

जलभराव से राहत के लिए 441.79 करोड़ की ड्रेनेज परियोजना

रुद्रपुर। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए तैयार 441.79 करोड़ रुपये की ड्रेनेज परियोजना के लिए शासन ने 8.82 करोड़ रुपये की पहली किस्त मंजूर कर दी है। महापौर विकास शर्मा ने बताया कि जलभराव की समस्या को देखते हुए पहले विभिन्न वार्डों में सर्वे कराया गया था। इसके आधार पर पूरे शहर के लिए ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया, जिसे शासन से मंजूरी मिल चुकी है। अब पहली किस्त स्वीकृत होने के बाद परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कराने की तैयारी है। परियोजना के धरातल पर उतरने से शहर के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।