रुद्रपुर। रिश्तों की मर्यादा को कलंकित करने वाले मामले में रुद्रपुर की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (एफटीएससी)/अपर सत्र न्यायालय ने नाबालिग साली से दुष्कर्म के दोषी जीजा को 20 साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी अंकुर, निवासी शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश), को भादंसं की धारा 376 और पोक्सो अधिनियम की धारा छह के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने उसकी जमानत निरस्त कर न्यायिक अभिरक्षा में हल्द्वानी जेल भेज दिया।
अभियोजन के अनुसार नौ फरवरी 2020 को आरोपी नाबालिग साली को बिग बाजार घुमाने के बहाने खेड़ा स्थित अपने किराये के कमरे पर ले गया था। उस समय उसकी पत्नी यानी पीड़िता की बड़ी बहन अपने ससुराल गई हुई थी। आरोप है कि कमरे का दरवाजा बंद करने के बाद आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने तथा परिवार को खत्म करने की धमकी दी।
घटना के बाद पीड़िता की हालत देखकर परिजनों ने पूछताछ की तो उसने आपबीती बताई। इसके बाद उसके पिता ने 12 फरवरी 2020 को रुद्रपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक उमेश कुमार गुप्ता ने पैरवी की। अदालत में पीड़िता, उसके पिता, बहन, चिकित्सक और विवेचक समेत आठ गवाहों के बयान दर्ज हुए।
अदालत ने स्कूल के एसआर रजिस्टर समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर पाया कि घटना के दिन पीड़िता की उम्र 16 वर्ष पांच माह 18 दिन थी। बचाव पक्ष ने पारिवारिक अनबन, दहेज विवाद और रंजिश का हवाला दिया, लेकिन अदालत ने पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों को विश्वसनीय माना।
न्यायाधीश संगीता आर्य ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने के निर्देशों का भी पालन किया।
नाबालिग साली से दुष्कर्म के दोषी जीजा को उम्रकैद, एफटीएससी कोर्ट ने पोक्सो की धारा छह और धारा 376 में ठहराया दोषी
