किच्छा। नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रत्याशी घोषित होने के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में बगावत के स्वर मुखर हो गए हैं। भाजपा प्रत्याशी संदीप अरोरा के नामांकन के बाद पार्टी से जुड़े चार नेताओं ने निर्दल प्रत्याशी के तौर पर नामांकन कर संगठन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं कांग्रेस से टिकट के दावेदार रहे अब्दुल रशीद जक्कू ने भी निर्दल नामांकन कर पार्टी के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।
भाजपा की ओर से संदीप अरोरा को प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद पूर्व महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष शैली फुटेला, पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं लोकसभा क्षेत्र सोशल मीडिया प्रभारी लवी सहगल, देवभूमि व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय अरोरा और भाजपा से अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर रहे नरेंद्र सिंह ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में नामांकन कराया। चार नेताओं के मैदान में उतरने से भाजपा के सामने बागियों को साधने की चुनौती खड़ी हो गई है। हालांकि नामांकन के बाद ही पार्टी स्तर पर डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू हो गई है।
इधर कांग्रेस में भी टिकट वितरण को लेकर असंतोष सामने आया है। अध्यक्ष पद के दावेदार अब्दुल रशीद जक्कू ने टिकट न मिलने पर निर्दल प्रत्याशी के रूप में नामांकन कराया है। वर्ष 2012 के चुनाव में वह करीब सौ वोटों से चुनाव हार गए थे। उस चुनाव में उनके करीब 800 वोट निरस्त हुए थे। 2018 में सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के कारण वह चुनाव नहीं लड़ सके थे। सीट सामान्य होने के बाद उन्होंने इस बार कांग्रेस से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर निर्दल मैदान में उतर गए।

