पंजाबी गौरव सम्मेलन में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समाज के योगदान को किया नमन
रुद्रपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि विभाजन की सबसे बड़ी पीड़ा पंजाबी और सिख समाज ने झेली, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद समाज ने अपने पुरुषार्थ और मेहनत से तराई की तस्वीर बदल दी। विस्थापन के बाद यहां बसे परिवारों ने खेत आबाद किए, कारोबार खड़े किए और कृषि, उद्योग व व्यापार के माध्यम से क्षेत्र को समृद्ध बनाया। आज तराई उत्तराखंड के अन्न भंडार के रूप में पहचान रखती है तो इसमें पंजाबी-सिख समाज का महत्वपूर्ण योगदान है।
गुरुवार को रामपुर रोड स्थित आर्क होटल में आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन में नितिन नबीन ने कहा कि सिख समाज का इतिहास सेवा, साहस और बलिदान से भरा है। देश की आजादी से लेकर सीमाओं की रक्षा तक समाज के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने नानकमत्ता साहिब, हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब की धार्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की धरती सिख परंपरा से भी गहराई से जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर, साहिबजादों के बलिदान को वीर बाल दिवस के रूप में सम्मान और हेमकुंड साहिब के लिए प्रस्तावित रोपवे जैसे कदम सिख समाज की आस्था और विरासत के सम्मान को दर्शाते हैं। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उस त्रासदी को देश नहीं भूल सकता।
नबीन ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को गंभीर चुनौती बताते हुए समाज से नशामुक्ति अभियान में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ऊधमसिंह नगर और तराई के विकास में पंजाबी-सिख समाज की मेहनत और संघर्ष की अमिट छाप है। विस्थापन की पीड़ा के बावजूद समाज ने कृषि, उद्योग, व्यापार और सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।
सम्मेलन स्थल पर नितिन नबीन का पुष्पवर्षा और जयकारों के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, सौरभ बहुगुणा, विधायक शिव अरोरा, गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय, महापौर विकास शर्मा समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
