रुद्रपुर। मोटर यान दुर्घटना दावा अधिकरण/प्रथम अपर जिला न्यायाधीश आरके श्रीवास्तव की अदालत ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कारोबारी के परिवार के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने मृतक रशपाल सिंह के आश्रितों को 53 लाख 74 हजार 894 रुपये मुआवजा सात प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ देने का आदेश दिया है। विपक्षी श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी को यह धनराशि आदेश की तारीख से 30 दिन के भीतर जमा करनी होगी।
मामले के अनुसार काशीपुर के नंदरामपुर निवासी कारोबारी रशपाल सिंह 12 मई 2024 की रात परिवार के साथ कार से घर लौट रहे थे। सुल्तानपुर पट्टी-रहमतगंज मार्ग पर सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में रशपाल सिंह और उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के लिए उन्हें सहोता अस्पताल, मेदांता गुरुग्राम और बाद में एम्स दिल्ली में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 14 जून 2024 को रशपाल सिंह की मौत हो गई।
दावे की सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने एफआईआर दर्ज कराने में 32 दिन की देरी को आधार बनाकर मुआवजा दावे पर सवाल उठाया। अधिकरण ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने माना कि हादसे के बाद परिजनों की प्राथमिकता घायल रशपाल सिंह का उपचार और उनकी जान बचाना थी। इसलिए एफआईआर में हुई देरी का उचित कारण था।
अदालत ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट के आधार पर डंपर चालक की लापरवाही को हादसे का कारण माना। मृतक की व्यावसायिक आय, भविष्य की संभावनाओं और चार आश्रितों को ध्यान में रखते हुए मुआवजा निर्धारित किया गया।
फैसले के तहत पत्नी रमनप्रीत कौर को 30.74 लाख रुपये, नाबालिग पुत्री अनुरीत को 10 लाख, पिता सरनजीत सिंह को आठ लाख और पुत्र हरमिलन सिंह को पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। अदालत ने मुआवजा राशि का बड़ा हिस्सा बैंक एफडी में सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं।

