सज्जन कुमार के महिमामंडन पर भड़का सिख समाज का आक्रोश, रुद्रपुर में कांग्रेस का पुतला फूंका, कांग्रेस नेताओं के बयानों के खिलाफ भाजपा और सिख समाज ने किया प्रदर्शन, शीर्ष नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग

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रुद्रपुर। वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के निधन के बाद कांग्रेस नेताओं की ओर से की गई कथित प्रशंसा को लेकर रुद्रपुर में सिख समाज और भाजपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश सड़क पर उतर आया। बाटा चौक पर प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पार्टी का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से अपने नेताओं के बयानों पर सफाई देने के साथ ही सिख समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

 

रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा ने कहा कि 1984 के दंगों के जख्म आज भी सिख समाज के दिलों में ताजा हैं। जिन परिवारों ने अपने परिजनों को खोया और जिनके घर उजड़ गए, उनके दर्द को समझने के बजाय कांग्रेस नेताओं द्वारा सज्जन कुमार की प्रशंसा करना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा सज्जन कुमार को दोस्त और बड़े भाई तथा कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा उन्हें रोल मॉडल बताए जाने संबंधी बयान गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

 

शिव अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि दंगों के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को उसके नेता किस आधार पर अपना आदर्श बताते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में 1984 के दंगा पीड़ितों को न्याय के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिख समाज के गुरुओं, परंपरा और बलिदान को सम्मान दिया जा रहा है, जबकि कांग्रेस नेताओं के बयान पुराने जख्मों को कुरेदने का काम कर रहे हैं।

 

दर्जा मंत्री सुरेंद्र सिंह नामधारी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयान सिख समाज के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल ने कहा कि दंगों के दोषी को रोल मॉडल बताना कांग्रेस की संवेदनहीन मानसिकता दर्शाता है। दर्जा मंत्री रामपाल सिंह ने भी कांग्रेस नेतृत्व से अपने नेताओं के बयानों पर जवाब देने और सिख समाज से माफी मांगने की मांग की।

 

प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और सिख समाज के लोगों ने कहा कि 1984 के पीड़ितों के जख्मों पर राजनीति नहीं, न्याय और सम्मान चाहिए। इस दौरान अनिल चौहान, तरुण दत्ता, अमित नारंग, राकेश सिंह, रोशन अरोड़ा, प्रीत ग्रोवर, संदीप बाजवा, अरविंद चीमा, किरण विर्क, अनमोल विर्क, नवजोत ढिल्लो समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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