रुद्रपुर। किच्छा के पूर्व भाजपा विधायक राजेश शुक्ला के बयान को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश भड़क उठा। कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ और उनके करीबियों से जुड़े चुनावी आपत्ति व अदालती मामले को लेकर शुक्ला की ओर से काले कोट और मुंह पर कालिख पोतने संबंधी टिप्पणी पर अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध जताया। मंगलवार को अधिवक्ताओं ने जिला न्यायालय परिसर में प्रदर्शन कर बयान की निंदा की और पूर्व विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
अधिवक्ताओं का कहना है कि पूर्व विधायक ने राजनीतिक विवाद में टिप्पणी करते हुए अधिवक्ताओं की वेशभूषा और पेशे का अपमान किया है। उनका कहना था कि काला कोट न्याय व्यवस्था और अधिवक्ता की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में किसी राजनीतिक विवाद के संदर्भ में काले कोट को लेकर की गई टिप्पणी पूरे अधिवक्ता समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि शुक्ला को वकीलों के ड्रेस कोड और उसकी गरिमा की जानकारी होनी चाहिए। इसके बावजूद जिस तरह का बयान दिया गया, उससे उनकी भाषा और मानसिकता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मांग की कि पूर्व विधायक मीडिया के सामने या अधिवक्ताओं के बीच पहुंचकर अपने बयान पर स्पष्ट रूप से माफी मांगें।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को जिला स्तर से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक उठाने के साथ ही स्टेट बार काउंसिल को भी पत्र भेजा जाएगा। अधिवक्ताओं के प्रदर्शन से राजनीतिक बयानबाजी का विवाद अब न्यायिक समुदाय के आक्रोश में बदलता नजर आ रहा है।




