एसआईआर बैठक में बवाल, दोनों पक्षों ने दी तहरीर, ठुकराल ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगाए गालीगलौज-धमकी के आरोप, निर्वाचन कार्यालय ने भी कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा

Share the news

एसआईआर बैठक में हंगामा, दोनों पक्षों ने दी शिकायत

रुद्रपुर। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय में आयोजित राजनीतिक दलों की बैठक में हुए विवाद के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है। बैठक में हंगामे को लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से पंतनगर थाने में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। वहीं, पूर्व विधायक ने भी पुलिस को तहरीर देकर भाजपा कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों पर अभद्रता, गालीगलौज, धमकी और हमला करने का प्रयास करने के आरोप लगाए हैं। दोनों पक्षों की शिकायतों के बाद अब पुलिस के सामने पूरे घटनाक्रम की जांच की चुनौती है।

 

जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से पंतनगर थाने को भेजे पत्र में बताया गया कि 24 अगस्त को एसआईआर-2026 के संबंध में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में दावे-आपत्तियों और विभिन्न शिकायतों पर चर्चा चल रही थी। पत्र के अनुसार, करीब एक बजे पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल उत्तेजित होकर ऊंची आवाज में बोलने लगे। आरोप है कि उन्होंने वर्तमान विधायक शिव अरोड़ा और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ विवाद किया और आक्रामक मुद्रा में सामने बैठे जनप्रतिनिधियों की ओर बढ़े। इससे बैठक में भय का माहौल पैदा हुआ और बैठक स्थगित करनी पड़ी। निर्वाचन कार्यालय ने इसे राजकीय कार्य में बाधा बताते हुए दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई का अनुरोध किया है।

 

ठुकराल की शिकायत में दूसरा पक्ष

 

उधर, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पुलिस को दी शिकायत में घटना के बिल्कुल अलग आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई। विरोध करने पर उनके साथ गालीगलौज की गई और कथित तौर पर मारपीट का प्रयास किया गया। शिकायत में कुछ लोगों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। पूर्व विधायक ने मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

 

एक ही बैठक, दो शिकायतें और आमने-सामने आरोप

 

एसआईआर जैसी महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया की बैठक में हुए विवाद के बाद अब दोनों पक्षों की शिकायतें सामने आने से मामला और पेचीदा हो गया है। निर्वाचन कार्यालय की शिकायत में जहां बैठक की कार्यवाही बाधित करने और अधिकारियों के समक्ष हंगामा करने के आरोप लगाए गए हैं, वहीं पूर्व विधायक की शिकायत में खुद को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने और धमकी देने के आरोप हैं। अब पुलिस दोनों शिकायतों में लगाए गए आरोपों, मौके पर मौजूद लोगों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *