रुद्रपुर। यूरोप भेजने का सपना दिखाकर 10 लाख रुपये ऐंठने और बाद में युवक को दुबई भेज देने का मामला सामने आया है। पीड़ित की मां ने कोतवाली में तहरीर देकर इमीग्रेशन कार्यालय संचालक पर धोखाधड़ी, धमकी और मूल दस्तावेज अपने पास रखने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्राम इटव्वा निवासी प्रेमो कौर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पुत्र रमनदीप सिंह के साथ हरप्रीत सिंह और आकाश सिंह ने यूरोप जाने के लिए काशीपुर रोड स्थित एक इमीग्रेशन कार्यालय में आवेदन किया था। आरोप है कि कार्यालय संचालक ने यूरोप भेजने का भरोसा देकर रमनदीप सिंह से 10 लाख रुपये ले लिए, लेकिन बाद में उसे यूरोप के बजाय दुबई का वीजा देकर वहां भेज दिया।
महिला का आरोप है कि उनका पुत्र पिछले सात माह से दुबई में फंसा हुआ है। तीनों युवकों के मूल दस्तावेज भी आरोपित ने अपने पास रख लिए हैं। जब दस्तावेज और रकम के संबंध में जानकारी लेने पहुंचे तो आरोपित ने गाली-गलौज की, मारपीट का प्रयास किया और डंडा लेकर दौड़ा लिया। इतना ही नहीं, पिस्टल होने की बात कहकर गोली मारने की धमकी भी दी।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि तीनों युवकों से दुबई में करीब छह माह तक काम कराया गया, लेकिन उन्हें मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। आर्थिक तंगी के कारण वे वर्तमान में रहने और भोजन की व्यवस्था के लिए गुरुद्वारा साहिब और मस्जिदों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
पीड़िता ने पुलिस से आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए युवकों के मूल दस्तावेज और 10 लाख रुपये वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



