बेटे को नाबालिग दिखाकर जमानत कराने की कोशिश, पिता पर मुकदमा दर्ज
रुद्रपुर। संवाददाता
थाना पंतनगर क्षेत्र में अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत जेल भेजे गए एक अभियुक्त को नाबालिग दर्शाकर जमानत दिलाने की कोशिश उसके पिता को भारी पड़ गई। अदालत में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज पेश किए जाने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के रीडर की तहरीर पर पुलिस ने अभियुक्त के पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार थाना पंतनगर पुलिस ने सूरज राठौर नामक युवक को अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम की धाराओं में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में विचाराधीन है। बताया जा रहा है कि अभियुक्त की ओर से उसके पिता प्रेम शंकर पैरवी कर रहे थे।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में तैनात रीडर देवेश कुमार पचौरी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि अभियुक्त पक्ष की ओर से अदालत में ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिनमें सूरज राठौर को नाबालिग दर्शाया गया था। इन दस्तावेजों के आधार पर जमानत पर रिहाई के लिए आवेदन भी किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को दस्तावेजों पर संदेह हुआ। जांच में प्रस्तुत अभिलेखों में तथ्यों का अंतर सामने आया, जिसके बाद अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। अदालत के आदेश पर थाना पंतनगर पुलिस ने प्रेम शंकर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
थाना प्रभारी नंदन सिंह रावत ने बताया कि मामले में फर्जी दस्तावेज लगाए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया तथ्यों की पुष्टि होने पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दस्तावेज कहां और किसकी मदद से तैयार किए गए।
पुलिस का कहना है कि न्यायालय को गुमराह करने और फर्जी अभिलेख प्रस्तुत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




